पत्रकारिता जगत में आने की सबसे बड़ी मान्यता जो है वो ये कि यहां आपको किसी न किसी गॉडफादर की जरुरत होती है।बिना गॉडफादर के यहां कोई काम नहीं होता।हमारे चैनल में भी इसी का बोलबाला चलता है॥आप किसी की झूठी बड़ाई करिये और बन जाइऐ उसके चहेते कर्मचारी।बस आपको करना इतना है कि आप बिना बात के अपने हेड की तारीफों के पुल बांधिये॥और कुछ नहीं करना है बस करना इतना है कि आप आपने सीनियर के छोट काम को करने के बाद इतन कहें कि,"अरे सर क्या काम किया आपने बस आप ही आप दिख रहे थे।और हां आपके उस सवाल ने तो जैसे सामने वाले की बोलता ही बंद कर दी थी...वाह सर मज़ा आ गया।" ये जो सब मै लिख रहा हूं वो मेरी कहानी नहीं है मैन जो देखा है वो लिख रहा हूं।इस बड़ाई से होगा ये कि हेड साहब अपनी बड़ाई से खुश हो जाएगें और आप उनके चहेते हो जाएंगे॥और आपको अपना गॉडफादर मिल जाएगा जो आपको हमेशा अपने साथ रखेगा औऱ आपकी मदद करेगा।और आप उसका ताउम्र फायदा उठा सकेंगे,और इसका ज़रुरत का उदाहरण दे रहा हूं।हमारे कार्यस्थल में दो इंस्टिटट्यूट के बच्चे काम करते है।एक वो जो सिर्फ एक इंस्टिट्यूट है और दूसरा वो जिसमें एक चैनल के हेड पढ़ाते हैं।अब मै बताता हूं इसका फर्क क्या पड़ता है।इससे फर्क ये पड़ता है कि जिस इंस्टिट्यूट में हेड पढ़ाते है उनके बच्चों को ज्यादा फायदा मिलता है चाहे उन्हे किसी प्रकार की मदद की ज़रुरत हो। हां न सिर्फ फायदा बल्कि काम में तारीफों के पुल और सुपर बास के आगे की जाने वाली बेफिजूल की तारीफ तो अलग है ही। हां इसका मतलब ये नहीं है कि दूसरे इंस्टिट्यूट के वो बच्चे जो काम करते है उनके अच्छे काम को भी खराब और अपने इंस्टिट्यूट के बच्चों की बेवकूफी को उनका अच्छा काम बताना ही गॉडफादर का होना और उनका न होना बताता है। इसी वजह से बिना सिफारिश के किसी जगह काम करने वालों से अक्सर लोग चिढा करते हैं।और उनके काम को गलत ठहराते है। यहां तक की हेड साहब नौकरी में टिकने न देने और काम से निकलवा देने या कहें कि कैरियर बर्बाद कर देने की भी धमकी देने से पीछे नहीं रहते हैं। अब ये कितना सही है और कितना गलत ये तो आप ही समझें लेकिन इतन तो साफ है कि गॉडफादर अपने लोगों को ही बचायेगा हर किसी को नही इसलिए इस जगत में आना है तो सबसे पहले अपने गॉडफादर का जुगाड़ कर लीजिये। यहां कई मगरमच्छ हैं जो बिना गॉडफादर की मौजूदगी में आपको खाने की पूरी तैयारी में हैं। सावधान यहां गॉडफादर जरुरी हैं....
NewsGram: News media from Chicago
10 years ago


9 टिप्पणियाँ:
सच को सामने लाने के लिए आप बधाई के पात्र हैं
ये आपके यहाँ की नहीं ..सभी जगह की कहानी है.....तारीफ के साथ साथ और भी बहुत कुछ करना पड़ता है गोद फादर.. के लिए..!तभी कुछ काम मिलेगा आपको...
swaagat hai..shubhkaamnayen.
हिन्दी ब्लॉग की दुनिया में आपका तहेदिल से स्वागत है.....
badhiya likha hai...ye to such hai ki bina god father ke kuch ni hota hai
स्वागत है बन्धु !
bahut sundar vichar hai.
बहुत अच्छा लिखा है . कृपया मेरा भी साईट देखे और टिप्पणी दे
वर्ड वेरीफिकेशन हटा दे . इसके लिये तरीका देखे यहा
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me aapke nazariye ki daat dena chahunga... kyonki sheher me godfather ka roll bahut bada hai. jiski aapko parakh hai par or kya badalte nazariye ho sakte hai godfather ko likhne ke ?
usse judte mahol ke ?
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